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नवजात शिशॠको नहलाना
पहली बार बने माता-पिता अकà¥à¤¸à¤° अपने नवजात शिशà¥à¤“ं को पहली बार नहलाने से डरते हैं। साबà¥à¤¨ लगे बचà¥à¤šà¥‡ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसके हाथ से फिसलने का डर रहता है। इसलिठबहà¥à¤¤ से माता-पिता घर के किसी जानकार बड़े या कामवाली से शिशॠको नहलाने के लिठकह देते हैं।
मगर, यदि आप पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें तो केवल कà¥à¤› बार शिशॠको नहलाने के बाद आप काफी आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ महसूस करेंगी। à¤à¤• बार जब आपको इसकी आदत हो जाà¤à¤—ी, तो आपको लगेगा कि नहाने का समय बचà¥à¤šà¥‡ के साथ पà¥à¤¯à¤¾à¤° à¤à¤°à¤¾ संबंध बनाने का शानदार समय है।
मेरे नवजात शिशॠका पहला सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कब होगा?
अधिकांश असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² और मातृतà¥à¤µ कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•ों में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« सदसà¥à¤¯ या आया होती है, जो नई माठकी नवजात को नहलाने और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में मदद करती हैं। जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद नरà¥à¤¸ शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगे à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯, रकà¥à¤¤ या किसी अनà¥à¤¯ ततà¥à¤µ को पौंछ कर उसे साफ कर देंगी। इससे बाल चिकितà¥à¤¸à¤• को शिशॠकी रंगत सही तरीके से देख पाने में सहायता मिलती है।
जनà¥à¤® के कà¥à¤› घंटों बाद तक या फिर जब तक उसके शरीर का तापमान सà¥à¤¥à¤¿à¤° नहीं हो जाता, तब तक शिशॠको नहीं नहलाया जाता। नवजात शिशॠअपने शरीर का तापमान बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ तरह समायोजित नहीं कर पाते।
जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद नवजात को नहलाने से उसके शरीर का तापमान गिरने का खतरा रहता है। अधिकांश असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² यही सलाह देते हैं कि शिशॠका पहला सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ उसके जनà¥à¤® के à¤à¤• दिन बाद ही कराया जाà¤à¥¤
मगर, यदि आप चाहें और आपका शिशॠठीक-ठाक है, तो जनà¥à¤® के कà¥à¤› घंटों बाद उसे सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराया जा सकता है। सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ से पहले ये बातें जरà¥à¤° धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें कि आपका शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है, वह पूरà¥à¤£ अवधि का है, उसके शरीर का तापमान सामानà¥à¤¯ है और जिस कमरे में आप दोनों हैं, वह गरà¥à¤® है।
अगर आप शिशॠको पहली बार सà¥à¤µà¤¯à¤‚ नहलाना चाहती हैं, तो आप घर जाने तक का इंतजार कर सकती हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि घर पर शायद आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आरामदेह महसूस करेंगी।
अगर आप उसे असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ही सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करवाना चाहती हैं, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि कमरे में हलà¥à¤•ी गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो। सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराते वकà¥à¤¤ हर समय अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कस कर पकड़ कर रखें। सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के लिठजिस à¤à¥€ चीज की आपको आवशà¥à¤¯à¤•ता है, उसकी तैयारी पहले से ही कर लें, ताकि आपको बीच में न उठना पड़े।
पहले कà¥à¤› दिनों के लिठनवजात को सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रखने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है?
पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिठया शिशॠकी गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² सूख कर गिरने तक, आप शिशॠको सà¥à¤ªà¤‚ज सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करा सकती हैं। इसे “टाॅपिंग और टेलिंग†à¤à¥€ कहा जाता है। सà¥à¤ªà¤‚ज सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का अरà¥à¤¥ है शिशॠको à¤à¤• हलà¥à¤•े गरà¥à¤®, गीले सà¥à¤ªà¤‚ज या कपड़े से और गीली रà¥à¤ˆ के टà¥à¤•ड़ों से सिर से लेकर पांव तक साफ करना।
अगर आप शिशॠको सà¥à¤ªà¤‚ज सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सिलवटों को अवशà¥à¤¯ साफ करें, विशेषकर उसकी गरà¥à¤¦à¤¨, बाजू और पैरों पर।
अगर, आप अपने शिशॠऔर पानी से टब में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करना पसंद करती हैं, तो वह à¤à¥€ ठीक है। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपके शिशॠके नाà¤à¤¿à¤ ूंठके सूखने व ठीक होने में रà¥à¤•ावट नहीं आती और न ही किसी पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। बस यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के तà¥à¤°à¤‚त बाद उसके नाà¤à¤¿à¤ ूंठको सà¥à¤–ा दें। आप नाà¤à¤¿à¤ ूंठको रगड़े नहीं, बलà¥à¤•ि à¤à¤• साफ तौलिये से उसे थपथपाकर सà¥à¤–ाà¤à¤‚।
नवजात को सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराने के बाद आप उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाकर सà¥à¤²à¤¾ सकती हैं। नहाने से शिशॠको जो उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ और आराम मिला है, उसके बाद शिशॠआराम करना चाहता है।
सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करते हà¥à¤ शिशॠको कà¤à¥€ à¤à¥€ अकेला न छोड़ें – कà¥à¤› सैकंड के लिठà¤à¥€ नहीं। यहां और पढ़ें कि शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कैसे कराया जाà¤à¥¤
मà¥à¤à¥‡ कितनी बार अपने नवजात को सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराना चाहिà¤?
नवजात शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इधर उधर नहीं घूमते, इसलिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंदे à¤à¥€ नहीं होते। à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो या तीन बार सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रखने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। हालांकि, कई माताà¤à¤‚ जनà¥à¤® के बाद से ही अपने शिशॠकी रोज मालिश करना और सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराना पसंद करती हैं। यह जनà¥à¤® के बाद की 40 दिनों की पारंपरिक à¤à¤•ांतवास की पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
कितनी बार नवजात शिशॠको नहलाया जाà¤, यह वासà¥à¤¤à¤µ में आप और आपके बचà¥à¤šà¥‡ के ऊपर निरà¥à¤à¤° है। आपका बचà¥à¤šà¤¾ कौन से मौसम में पैदा हà¥à¤† है, यह à¤à¥€ इस निरà¥à¤£à¤¯ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पैदा हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता रोजाना बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराना पसंद करते हैं, वहीं सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पैदा हà¥à¤ शिशà¥à¤“ं को हो सकता है हर दूसरे दिन ही नहलाया जाà¤à¥¤
साथ ही, कà¥à¤› शिशॠशà¥à¤°à¥ से ही थोड़े गरà¥à¤® पानी में नहाना पसंद करते हैं, वहीं कà¥à¤› को अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में इस नई अनà¥à¤à¥‚ति का आदि होने में समय लगता है। अगर, आपका शिशॠहर बार सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करते समय रोता है, तो कà¥à¤› दिन उसे न नहलाà¤à¤‚। कà¥à¤› समय बाद में फिर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
जैसे-जैसे आपका शिशॠगरà¥à¤ के बाहर के जीवन से वाकिफ होने लगेगा, हो सकता है वह सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का à¤à¥€ आनंद लेने लगे।
अगर आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• है और आप उसे रोजाना नहला रही हैं, तो इसे थोड़ा कम करके देखें। शिशॠको सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो या तीन बार नहलाà¤à¤‚ और देखें कि कà¥à¤¯à¤¾ उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कà¥à¤› असर हà¥à¤† है या नहीं। शिशॠको केवल पांच से 10 मिनट तक नहलाना सही रहता है, इससे उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• होने से à¤à¥€ बच सकती है।
शिशॠको नहलाने के लिठदिन का कौन सा समय उचित है?
दिन का à¤à¤¸à¤¾ समय चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जब आपको किसी पà¥à¤°à¤•ार के वà¥à¤¯à¤µà¤§à¤¾à¤¨ की आशंका न हो और आप अपना पूरा समय बचà¥à¤šà¥‡ पर लगा सकें। हालांकि, शिशॠको सवेरे नहलाना काफी आम है, मगर उसे नहलाने का à¤à¤•मातà¥à¤° यही सही समय नहीं है। शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ को समà¤à¥‡à¤‚ और देखें कि à¤à¤¸à¤¾ कौन सा समय होता है जब वह आराम कर चà¥à¤•ा होता है और उसका पेट à¤à¤°à¤¾ होता है।
अगर शिशॠकी अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ जरà¥à¤°à¤¤à¥‡à¤‚ पूरी हो चà¥à¤•ी हैं, तो इस बात की पूरà¥à¤£ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है कि शिशॠसà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र आनंद लेगा।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कब सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚ यह काफी हद तक मौसम पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आप शिशॠको दिन के सबसे गरà¥à¤® à¤à¤¾à¤— यानि की दोपहर में नहलाना पसंद कर सकती हैं।
आप सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ को शिशॠके सोने के समय की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ बना सकती हैं। सà¥à¤¨à¤¾à¤¨, शिशॠके लिठकाफी आरामदेह और शांतिदायक हो सकता है। यह उसे लंबी नींद के लिठतैयार करने का अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको रात में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराने का यह फायदा है कि नहाने के बाद शिशॠगरà¥à¤® कपड़ों में लिपटकर गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ में ही रहेगा।
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